"हम सब यह प्रतिज्ञा करते हैं कि —
हम प्रतिदिन |पढ़ने की आदत बनाएंगे।
हम ज्ञान की प्राप्ति के लिए | पुस्तकों को अपना | मित्र बनाएंगे।
हम अपने परिवार,| मित्रों |और समाज को भी | पढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
हम अपने देश को | एक साक्षर और | जागरूक राष्ट्र बनाने में | योगदान देंगे।
हम यह समझते हैं कि | पढ़ना न सिर्फ ज्ञान बढ़ाता है,
बल्कि हमारे विचारों को भी | उज्ज्वल और |समृद्ध बनाता है।
इसलिए, हम सच्चे मन से | यह संकल्प लेते हैं कि —
हम हमेशा | पढ़ने के आनंद और | महत्व को समझेंगे | और अपनाएंगे।”